Delhi University Education

डीटीयू के छात्रों के साथ डिग्री को लेकर यूनिवर्सिटी ने की धोखाधड़ी, अब हो रहा विरोध प्रदर्शन

दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) मे छात्रों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. डीटीयू में ईवनिंग शिफ्ट को रेगुलर कोर्स बताकर छात्रों का दाखिला कराया गया. 2015 में यूनिवर्सिटी ने ऑर्डिनेंस निकला. इस ऑर्डिनेंस के मुताबिक बी.टेक इवनिंग शिफ्ट को फुल टाइम रेगुलर कोर्स बताया गया. बाद में आरटीआई से पता चला कि ये एक पार्ट टाइम कोर्स है.

ये बात तब सामने आई जब कुएस्शन फॉर्म में बी.टेक ईवनिंग शिफ्ट के छात्रों को दिए गए दो विकल्पों- ‘पार्ट- टाइम’ और ‘फुल- टाइम’ में से एक को अंकित करने को कहा गया. आरटीआई के हवाले से ये पता चला कि बी.टेक ईवनिंग चार साल का पार्ट- टाइम कोर्स है जिसकी क्लास शाम 6 से रात 9 बजे तक ली जाती हैं.

बता दे बी.टेक रेगुलर डिग्री कोर्स कि कक्षाएं सुबह 8 बजे से शाम 6 तक चलती हैं. डीटूयू द्वारा जारी आर्डिनेंस के सेक्शन C- 5A के अनुसार 2015 और उसके बाद ईवनिंग शिफ्ट में दाखिला लेने वाला हर छात्र फुल- टाइम कोर्स का हिस्सा है जिसका समय शाम 6 से रात 9 बजे होगा. साथ ही ‘स्टूडेंट’ शब्द के लिए लिखी गई परिभाषा में छात्र को स्नातक कार्यक्रम के तहत पंजीकृत छात्र बताया गया है. 10 अगस्त को डीटीयू और फैकल्टी के बीच हुई मीटिंग में प्रोफेसर इस.के.गर्ग और ओआईसी नायकांत देओ ने इवनिंग शिफ्ट के छात्रों की डिग्री को पार्ट- टाइम बताया.

प्रशासन ने स्वीकारा कि उनसे जानकारी देने में चूक हो गई और डिग्री को फुल-टाइम बताने में प्रिंटिंग मिस्टेक हुई. ईवनिंग शिफ्ट के छात्रों का कहना है की येगलती प्रशासन से एक नहीं बल्कि तीन बार हुई है. प्रशासन केवल छात्रों के भविष्य केसाथ खेल रहा है. भारतीय नियमों के अनुसार (डीटीयू को छोड़कर) ऐसा कोई संस्थान नहींजहां डिप्लोमा किये छात्र को फ्रेशर बताकर पार्ट- टाइम डिग्री में नामांकन कियाजाता हो. अगर कोई संस्थान किसी डिप्लोमा धारक को चार साल के डिग्री कोर्स मेंफ्रेशर की तरह दाखिला देता है तो वो फुल टाइम कोर्स माना जाता है. 13 दिसंबर को एक ओर जहां बी.टेक मॉर्निंग के छात्रों को दीक्षांत समारोह के दौरान डिग्री बांटी जा रही थी वहीँ इवनिंग शिफ्ट के ये छात्र अपनी मांगों के लिए आवाज़ उठाते दिखे. दिल्ली केशिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया दीक्षांत समरोह में शामिल थे.

ईवनिंग शिफ्ट में पढ़ने वाले तीसरे वर्ष के छात्र अप्रेंदु ने बताया की वे मुद्दे को लेकर दिल्ली केशिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास पर गए.परन्तु हर तरफ से निराशा ही हाथ लगी. छात्रों ने वीसी योगेश सिंह से उनकी मुलाकात के दौरान डीटीयू द्वारा एआईसीटीई और यूजीसी की दिशानिर्देशों से छेड़ छाड़ पर सवाल उठाया. अगर इवनिंग का प्रोग्राम पार्ट टाइम या वर्क एक्सपीरियंस के लिए था तो प्रशासन को इसमें पूरी पारदर्शिता रखनी चाहिए थी. दाखिले के दौरान सूचना ब्रोशररमें ऐसा कही भी मेंशन नहीं किया. प्रशासन ने तथ्यों की हेरा फेरी करी और छात्रों को भटकाया. बी.टेक सेकंड ईयर के छात्र कार्तिक ने कहा, ‘ये कोर्स किसी पीएसयू मेंमान्य नहीं. कंपनी पहले ही कह देती है की उन्हें फुल- टाइम डिग्री कोर्स केछात्रों की ही आवश्यकता है. जिसके चलते हम वहां अप्लाई नहीं कर पाते. जब हम नौकरी के लिए अप्लाई ही नहीं कर पाएंगे तो वो डिग्री हमारे किस काम की?’

इन छात्रों को जामिया मिलिया इस्लामिया से बी.ई कर रहे छात्रों का समर्थन प्राप्त है. जामिया के छात्र शाहज़ेबजमाल ने कहा, ‘ऐसा ही मामलाजामिया में भी उठा था जहां प्रशासन दाखिले के समय इस बात का उल्लेख नहीं करता कीकोर्स फुल टाइम है या पार्ट टाइम. दाखिला लेने के चार साल बाद जब वही छात्र नौकरीलेने जाता है तब उसे पता चलता है की उसकी डिग्री पार्ट टाइम है जिसके चलते उसेअयोग्य ठहराया जा रहा है.’ छात्र अप्रेंदु बताते हैं की प्रशासन द्वारा कई बच्चों को डराया धमकाया गयाऔर पूरे बल का प्रयोग किया गया.

इसी साल 23 जुलाई को जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के साथ भी समान केस दर्ज हुआथा जहाँ दाखिले के समय सूचीपत्र या वेबसाइट पर कही नहीं लिखा था की कोर्स पार्टटाइम है जिसके बाद इस साल होने वाली प्रवेश परीक्षा को रद्द कर दिया गया. कोर्सपार्ट टाइम है इस बात पर शक तब गया जब एक सीनियर कि नियुक्ति बंगाल इलेक्ट्रिसिटीबोर्ड में हुई और वहां उनकी नौकरी ये कहकर रिजेक्ट करदी गई कि उनका कोर्स एआईसीटीईसे पार्ट टाइम माज़ूर है और वे इसे डिग्री के रूप में मंज़ूरी नहीं दे सकते. तब छात्र आक्रामक हो उठे और यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन शुरू करदिया.

बता दे पार्ट टाइमकोर्स कि डिग्री, डिग्री नहीं मानी जाती और इसकी मान्यता नहीं है. 2005 के बाद से अदालत ने किसी भीपार्ट टाइम टेक्निकल कोर्स कि मान्यता रद्द करदी है. प्रदर्शन करने के बाद इनछात्रों ने न्यायलय का दरवाज़ा खटखटाया. कोर्ट ने सुनवाई के लिए दिसंबर माह का समयदिया है.

फिलहाल डीटीयू में ईवनिंग शिफ्ट के छात्रों को प्लेसमेंट में बैठने कि इजाज़त तो है पर कंपनी नौकरी के लिए अपनी आवश्यताओं में ये पहले लिख देती है कि उन्हें केवल फुल टाइम डिग्री धारक छात्रों कि ही ज़रूरत है. प्रशासन ने इस मुद्दे पर चुप्पी बाँधी है. इस पूरी घटना में 750 बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है.

Sonu Gulfam
Sonu Gulfam is a beloved thought leader in the areas of online education, web developing, content writer. He overcame career adversity at an early age by finding his own path and true passion. Despite his success in web developing, Gulfam’s greatest joys are spending time with his family and friends as well as helping inspire and educate others on how to succeed with their own entrepreneurial careers. Since 2016, however, he’s become more interested in areas of web developing, specifically in the world of website design. Sonu is routinely praised for his authentic leadership style and business principles. Countless podcasts and blogs have featured his story and the techniques he uses to manage and grow this audience. Presently, Gulfam enjoys focusing on writing books, growing his top-ranked business website, and learning more about changing education and how kids learn.
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